khabarilaal news desk:-
वाराणसी | चोलापुर थाना क्षेत्र के धरसौना निवासी एक युवक ने अपने ही मित्र पर ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर विश्वास में लेकर बैंक खाता खुलवाने और बाद में उसी खाते का कथित रूप से साइबर धोखाधड़ी में दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है
पीड़ित की तहरीर पर चोलापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, धरसौना निवासी रमेश राजभर पुत्र शंभू राजभर ने तहरीर में बताया कि उसका मित्र धनंजय कुमार पुत्र बाली चरण, निवासी महावीर अखाड़ा, पोस्ट रसड़ा, जनपद बलिया, स्वयं को ऑनलाइन ट्रेडिंग का कार्य करने वाला बताता था।
चोलापुर थाने की साइबर टीम ने रमेश राजभर को पूछताछ के लिए बुलाया
उसने अधिक लाभ का भरोसा दिलाकर रमेश को विश्वास में लिया और सिगरा स्थित एक बैंक में उसके नाम से खाता खुलवा दिया। कुछ समय बाद चोलापुर थाने की साइबर टीम ने रमेश राजभर को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने बताया कि उसके बैंक खाते के संबंध में साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज है। जांच के दौरान जानकारी मिली कि उक्त खाते में 50-50 हजार रुपये के तीन संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन, कुल 1.50 लाख रुपये, साइबर ठगी से संबंधित प्राप्त हुए हैं।
रमेश राजभर का आरोप है कि उसे इन लेनदेन की कोई जानकारी नहीं थी
रमेश राजभर का आरोप है कि उसे इन लेनदेन की कोई जानकारी नहीं थी। उसका कहना है कि धनंजय कुमार ने विश्वास में लेकर उसके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक तथा खाते के संचालन संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज अपने पास रख लिए थे और उन्हीं का दुरुपयोग करते हुए उसके बैंक खाते का इस्तेमाल कथित रूप से ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए किया गया।
पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के आधार पर चोलापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66-डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक चोलापुर सधुबन राम गौतम ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बैंक खाते के लेनदेन, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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