khabarilaal news desk:-
वाराणसी कमिश्नरेट की साइबर जांच में सिंधौरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की एक बैंक खाता में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की कड़ी से जुड़ा मामला मिला। जांच में खाते में 9.01 लाख रुपये होल्ड मिलने, कई राज्यों की शिकायतों से लिंक सामने आने और ठगी की रकम अलग-अलग खातों में भेजे जाने के बाद पुलिस ने दो संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
समन्वय पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध खातों की जांच शुरू
सिंधोरा थाना क्षेत्र में साइबर अपराध की जांच के दौरान एक ऐसा बैंक खाता सामने आया, जिसने पुलिस को चौंका दिया। थाना सिंधौरा की साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार पाण्डेय ने समन्वय पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध खातों की जांच शुरू की तो भारतीय स्टेट बैंक, सिंधोरा शाखा का एक खाता संदिग्ध मिला।
केवाईसी और खाते के विवरण की जांच में पता चला कि यह खाता एस.बी. ट्रेडर्स के नाम से संचालित है
बैंक से प्राप्त केवाईसी और खाते के विवरण की जांच में पता चला कि यह खाता एस.बी. ट्रेडर्स के नाम से संचालित है। इसके संचालक जौनपुर निवासी समर बहादुर और राजकुमार हैं। पुलिस के अनुसार जांच में दोनों की पहचान और पते की पुष्टि की गई।
एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर इस खाते से जुड़ी कई शिकायतें मिलीं
सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर इस खाते से जुड़ी कई शिकायतें मिलीं। बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि 2 अक्टूबर 2025 को इस खाते में साइबर ठगी से जुड़े 11,996 रुपये आए थे। इसके बाद खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम को आगे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया गया।
पुलिस के मुताबिक, मल्टीपल शिकायतों के कारण खाते को डेबिट फ्रीज कर दिया गया
पुलिस के मुताबिक, मल्टीपल शिकायतों के कारण खाते को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है। फिलहाल इसमें 9,01,628 रुपये होल्ड हैं, जबकि विवादित धनराशि का बड़ा हिस्सा अन्य लेयर के खातों में ट्रांसफर किया जा चुका है।
प्राथमिक जांच में पुलिस का मानना है कि खाते का इस्तेमाल 'म्यूल अकाउंट' के रूप में किया गया
प्राथमिक जांच में पुलिस का मानना है कि खाते का इस्तेमाल 'म्यूल अकाउंट' के रूप में किया गया, यानी साइबर ठगी से प्राप्त धन को छिपाने और आगे वितरित करने के लिए। इसी आधार पर सिंधौरा थाने में दोनों संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से और कितने खाते तथा लोग जुड़े हैं।
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