Khabarilaal News Desk :
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण, जागरूकता रैली एवं संगोष्ठी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कुलपति ने किया पौधारोपण, शुरू हुआ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने पौधारोपण कर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा आयोजित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया। डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के सामने स्थित ज्ञान विज्ञान पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न फलदार पौधों का रोपण किया गया।
कुलपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
पौधारोपण कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राहुल गुप्ता, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्रा, प्रो. रमाकांत सिंह, डॉ. आनंद कुमार सिंह, सुरेन्द्र कुमार, डॉ. ध्यानेंद्र कुमार मिश्रा, डॉ. शशि प्रकाश, डॉ. अम्बुज कुमार मिश्र, डॉ. प्रभा शंकर मिश्र, डॉ. रमेश प्रजापति, डॉ. हंसराज, डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, डॉ. सुरेखा जायसवाल, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव, डॉ. दिनेश कुमार, स्वतन्त्र कुमार सिंह, ओम प्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और स्वयंसेवक शामिल हुए।
जागरूकता रैली के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पौधारोपण के बाद राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने जन-जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नारों के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया।
सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर हुई संगोष्ठी
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विधि विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में ‘पर्यावरण संरक्षण एवं सतत्पोषणीय विकास’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ. केशरी नंदन शर्मा (लॉ स्कूल, बीएचयू) ने संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों और महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सभी से कम से कम एक पौधा लगाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. राहुल गुप्ता ने रामचरितमानस के संदर्भों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का सफल आयोजन
संगोष्ठी में स्वागत उद्बोधन विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार ने दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. हंसराज ने किया। अंत में डॉ. दिनेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, डॉ. रामजतन प्रसाद सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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