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वाराणसी। मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के क्रम में बड़ालालपुर स्थित टीएफसी सभागार से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा का शुभारम्भ किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम में बच्चों के लिए जूते मोजे, बैग, स्टेशनरी आदि सामग्री हेतु डी0बी0टी0 के माध्यम से धनराशि का अन्तरण तथा शिक्षकों एवं कार्मिकों को सामाजिक सुरक्षा हेतु स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के साथ एम0ओ0यू0 का आदान–प्रदान किया गया।

भारत की सांस्कृतिक राजधानी, आध्यात्मिक परंपरा की धरा से योजना का शुभारंभ इस योजना को ऊंचाई पर लेे जाएगा CM

मुख्यमंत्री ने टी एफ सी,  बड़ालालपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि काशी की पवित्र धरा पर आयोजित इस कार्यक्रम में में सभी का स्वागत करता हूं। भारत की सांस्कृतिक राजधानी, आध्यात्मिक परंपरा की धरा से योजना का शुभारंभ इस योजना को ऊंचाई पर लेे जाएगा। उन्होंने प्रदेश के 1 करोड़ 10 लाख से अधिक बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1320 करोड़ रूपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण कर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कैशलेस चिकित्सा योजना से 12 लाख शिक्षक, रसोइयां आदि कार्मिक लाभान्वित होंगे। 

बच्चे अबोध होते हैं उनको सही राह दिखना शिक्षक का राष्ट्रीय दायित्व

मा मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे अबोध होते हैं उनको सही राह दिखना शिक्षक का राष्ट्रीय दायित्व के साथ उनका कर्तव्य भी है। कोई बच्चा बेहतर शिक्षा से छूटने नहीं पाए ये सभी नागरिकों के साथ अनुदेशकों, शिक्षकों का दायित्व है। निपुण भारत अभियान से बच्चों की शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार हुआ है। निपुण भारत अभियान से हर बच्चे को उसके क्षेत्र में पारंगत किया जाएगा। नींव मजबूत होगी तभी हम बड़ी मजबूत इमारत खड़ी कर सकते ऐसे ही बच्चों की नींव मजबूत होगी तभी भारत सशक्त होगा। भारतीय स्टेट बैंक के साथ मिलकर शिक्षकों को इंश्योरेंस कवर देने के सुविधा की शुरुआत हुई है। शिक्षक बच्चों पर ध्यान दें, विद्यालय का वातावरण स्वच्छ, सुंदर हो जो देश के भविष्य को गढ़ने वाला दिखे। कहा कि याद रखना विकसित भारत की संकल्पना केवल शिक्षा से हो संभव होगा। उक्त लक्ष्य के दृष्टिगत  ही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बीच में बीमारू राज्य बना दिया गया था लेकिन पिछले 09 वर्षों के डबल इंजन सरकार की मेहनत ने उत्तर प्रदेश को अग्रणी श्रेणी में लाकर खड़ा किया है। शिक्षा में किया गया निवेश कभी बेकार नहीं होता। आज प्रदेश में नकल मुक्त शिक्षा का वातावरण खड़ा किया गया है।

नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे-CM

नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे। हमे देश के भविष्य तथा उसकी अखंडता के साथ खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं देनी होगी। हमारे आदर्श आचार्य चाणक्य, पंडित मदन मोहन मालवीय जी होने चाहिए ताकि कोई भी ताकतें अपनी आँख उठाकर देख न सकें।  सरकार द्वारा प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई जिससे विद्यालयों में बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया। अंत में उन्होंने कहा कि आज शुरू की गयी इन तीन योजनाओं से सभी सम्बन्धित को समुचित लाभ मिलेगा उसके लिए पूरे प्रदेश के सभी शिक्षकों को मै बधाई देता हूं। सरकार शिक्षक से केवल अनुशासित वातावरण एवं बच्चों को बेहतर शिक्षा की अपेक्षा करती है ताकि देश का भविष्य उज्जवल हो। 

प्रदेश के निर्णयों को दूसरे राज्यों की सरकार भी अपना रही हैं-अनिल राजभर

माननीय मंत्री अनिल राजभर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का कार्यक्रम मुख्यमंत्री के संकल्प को परिभाषित करता है कि सबका साथ - सबका विकास - सबका विश्वास को लेकर आगे बढ़ना है। आज प्रदेश के निर्णयों को दूसरे राज्यों की सरकार भी अपना रही हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। इस अवसर पर माननीय माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा मंत्री ने भी उपस्थित शिक्षकों, अनुदेशकों आदि कार्मिकों को संबोधित करते हुए उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना

1) मा0 मुख्यमंत्री जी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में शिक्षकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा की योजना स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।

2) कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के अन्तर्गत प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं अनुदानित विद्यालयों एवं स्ववित्त पोषित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (CWSN), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डेन, पूर्णकालिक / अंशकालिक शिक्षक / शिक्षिका एवं प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइया एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्य लाभार्थी होंगे ।

3) मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना में प्रति शिक्षक रू0 3000 /- वार्षिक प्रीमियम अनुमानित है। प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा, जिसकी व्यवस्था विभागीय बजट में प्रावधानित है। इस कल्याणकारी योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं रसोइयों के परिवार लाभान्वित होंगे।

4) इस योजना के अन्तर्गत प्रीमियम के भुगतान हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष लगभग रू0 447 करोड़ काके व्ययभार वहन किया जायेगा।

5) कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का क्रियान्वयन साचीज (State Agency For Comprehensive health and Integrated Services) के माध्यम से कराया जायेगा। उक्त सुविधा राजकीय चिकित्सालयों एवं साचीज के साथ सम्बद्ध निजी चिकित्सालयों में अनुमन्य होगी।

6) योजना का लाभ :- यह योजना मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती होने (Hospitalization) वाले इलाजों को कवर करती है। इसके माध्यम से सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गम्भीर बीमारियों, जटिल सर्जरी, कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग सहित लगभग 1900 से अधिक उपचार पैकेजों का लाभ मिलता है। इसमें ओ०पी०डी० सेवा कवर नहीं होती है। आज के कार्यक्रम में मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रतीकात्मक रूप में 15 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का कार्ड प्रदान किया गया।

डी०बी०टी० धनराशि का अन्तरण

1)राज्य सरकार वर्ष 2021-22 में छात्र - छात्राओं को दी जाने वाली सामग्री के लिए स्वीकृत धनराशि डी०बी०टी० के माध्यम से सीधे अभिभावकों के खाते में अन्तरित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

2) वर्तमान में प्रति छात्र - छात्रा 02 सेट यूनीफार्म हेतु रू0 600 की दर से, स्कूल बैग हेतु रू0 175 की दर से, स्वेटर हेतु रू0 200 की दर से, जूता-मोजा हेतु रू0 125 की दर से तथा स्टेशनरी हेतु रू0 100 की दर से अर्थात कुल रू0 1200 की दर से धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे अभिभावकों के सीडेड खाते में सफलतापूर्वक अन्तरित की जा रही है।

3) शैक्षिक सत्र 2026-27 में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रथम चरण में 1 करोड़ 10 लाख छात्र - छात्राओं के लिए निर्धारित सामग्री क्रय करने हेतु रू0 1320 करोड़ की धनराशि आज डी0बी0टी0 के माध्यम से अभिभावकों के खाते में अन्तरित करायी गयी है।

बेसिक शिक्षा विभाग तथा स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के मध्य मेमोरेण्डम ऑफ अन्डरस्टेंडिंग (MoU) का आदान-प्रदान

1)बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों को सामाजिक सुरक्षा हेतु सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग तथा स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के मध्य मेमोरेण्डम ऑफ अन्डरस्टेंडिंग (MoU) का निष्पादन किया गया, जिसके अन्तर्गत बेसिक शिक्षा विभाग के लगभग 10 लाख शिक्षक एवं संविदा कार्मिक लाभान्वित होंगे। 

2)स्थायी शिक्षक/कार्मिकों, जिनका वेतन रू0 10 हजार से अधिक है उन्हें रू0 10 लाख का Group Term Life Insurance Cover, रू0 1 करोड़ का Personal Accident Insurance Cover, रू0 1 करोड़ का Permanent Disablility Cover, रू0 1.6 करोड़ का Air Accident Cover के साथ-साथ किसी अनहोनी की दशा में शिक्षक / कार्मिक के बच्चों की शिक्षा तथा पुत्रियों के विवाह के लिए भी Aid On Cover प्रदान किया जायेगा।

3)संविदा कार्मिकों का मासिक वेतन रू0 10 हजार से अधिक होने की दशा में रू0 80 लाख तक का Personal Accident Insurance Cover, स्थायी / आंशिक विकलांगता की दशा में रू0 80 लाख / रू0 40 लाख का Insurance Cover, Air Accident की दशा में रू0 80 लाख तक का Insurance Cover तथा कार्मिक के साथ किसी अनहोनी की दशा में कार्मिक के बच्चों की शिक्षा तथा पुत्रियों के विवाह के लिए भी Aid On Cover प्रदान किया जायेगा।

4)रू0 10 हजार से कम मासिक वेतन वाले कार्मिकों को जीरो बैलेन्स एकाउन्ट तथा SBI Debit Card अथवा Personal Accident Cover के आधार पर रू० 02 लाख का Insurance Cover प्रदान किया जायेगा।

5)जिन कार्मिकों के वेतन खाते स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया में पूर्व से खुले हैं, उन्हें सैलरी पैकेज में बदला जायेगा। जिन कार्मिकों के वेतन खाते स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया में नही हैं, उन कार्मिकों को अपना वेतन खाता स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया में खोलने हेतु प्रेरित किया जायेगा, ताकि वे कार्मिक भी अन्य कार्मिकों की भाँति सभी लाभ प्राप्त कर सकें।

6)उक्त समारोह में मा0 मुख्यमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति में बेसिक शिक्षा विभाग एवं स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के मध्य निष्पादित एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया तथा योजना का शुभारम्भ किया गया।

7)समारोह में मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा जन - सामान्य के सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुये कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लाभार्थियों तथा सभी छात्र - छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को डी0बी0टी0 के माध्यम से अन्तरित की जा रही धनराशि के लिए बधाई दी गयी।

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना (SHVR)

1.इस योजना अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई, रख-रखाव एवं व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करने हेतु वर्ष 2026 -17 से स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार प्रारम्भ किया गया। वर्ष 2025-26 में उक्त कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप देते हुए स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के रूप में लागू किया गया।

2.प्राप्त प्रस्तावों का विशेषज्ञों के माध्यम से भारत सरकार द्वारा निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाते हुए 20 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के चयन की संस्तुति भारत सरकार को भेजी गयी, जिसमें से भारत सरकार द्वारा 12 विद्यालयों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन किया गया। इस समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों / प्रधानाध्यापकों को भी सम्मानित किया गया।

उक्त कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, मा० माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, मा0 मंत्री बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लोक निर्माण राज्य मंत्री कुंवर बृजेश, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा, उ०प्र० शासन पार्थ सारथी सेन, मंडलायुक्त एस राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, सीडीओ प्रखर कुमार, सीजीएम स्टेट बैंक दीपेश राय समेत जिला प्रशासन के अधिकारी तथा बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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