Khabarilaal News Desk :
गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश असद को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। शनिवार तड़के खोड़ा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान असद का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
दोस्तों से मिलने आया था असद
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, असद अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर चोरी-छिपे खोड़ा इलाके में अपने कुछ दोस्तों से मिलने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वह उनसे पैसे और जरूरी सामान लेने आया था ताकि गाजियाबाद छोड़कर कहीं दूर भाग सके।
पुलिस को उसके आने की सूचना मिलते ही खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी।
रुकने के इशारे पर की फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, जब टीम ने असद को रुकने का इशारा किया तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर गोली चला दी। फायरिंग में एक पुलिस कॉन्स्टेबल घायल हो गया। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
हालांकि उसका साथी मौके से भागने में सफल रहा।
आठ महीने पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
जानकारी के अनुसार, असद और सूर्या कभी अच्छे दोस्त थे। करीब आठ महीने पहले दोनों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। उस समय स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने दोनों के बीच समझौता करा दिया था, लेकिन रंजिश खत्म नहीं हुई।
बकरीद के दिन असद ने कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्या को बुलाया और फिर चाकुओं से गोदकर उसकी हत्या कर दी थी।
हत्या से पहले का वीडियो भी आया था सामने
सूर्या हत्याकांड के बाद एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें असद और उसके साथी सूर्या को पकड़कर ले जाते हुए दिखाई दिए थे। इस वीडियो ने पूरे मामले को और ज्यादा सनसनीखेज बना दिया था।
हत्या के बाद भड़का था जनाक्रोश
सूर्या की हत्या के बाद नवनीत विहार और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। अंतिम संस्कार से पहले सूर्या की मां, बहन और भाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
राजनीतिक गलियारों में भी गूंजा मामला
सूर्या हत्याकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश में राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया था। विभिन्न राजनीतिक दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा था।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है।
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