Khabarilaal News Desk :

आस्था, साहस और आधुनिक चिकित्सा का एक अनोखा उदाहरण सामने आया है। ब्रेन ट्यूमर की जटिल सर्जरी के दौरान एक महिला ने कथित तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए अपना आत्मविश्वास बनाए रखा। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग इसे मानसिक दृढ़ता और अटूट विश्वास की मिसाल बता रहे हैं।

जागृत अवस्था में हुई ब्रेन सर्जरी

रिपोर्ट्स के अनुसार महिला की Awake Brain Surgery की गई। यह एक विशेष प्रकार की न्यूरोसर्जरी होती है जिसमें मरीज को पूरी तरह बेहोश नहीं किया जाता। डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान मरीज से लगातार संवाद करते रहते हैं ताकि मस्तिष्क के महत्वपूर्ण हिस्सों की कार्यक्षमता पर नजर रखी जा सके।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस तकनीक का उपयोग उन मामलों में किया जाता है जहां ट्यूमर मस्तिष्क के संवेदनशील हिस्सों के करीब मौजूद हो।

हनुमान चालीसा बन गई मानसिक सहारा

बताया जा रहा है कि सर्जरी के दौरान महिला लगातार हनुमान चालीसा का पाठ करती रहीं। इससे उन्हें मानसिक शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा मिलती रही। ऑपरेशन के दौरान उनका शांत और सहयोगपूर्ण व्यवहार डॉक्टरों के लिए भी मददगार साबित हुआ।

डॉक्टरों ने बताई तकनीक की खासियत

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि Awake Brain Surgery दुनिया भर के कई अस्पतालों में अपनाई जाने वाली उन्नत तकनीक है। इस प्रक्रिया के दौरान मरीज के बोलने, याद रखने और शरीर के विभिन्न अंगों को नियंत्रित करने वाले मस्तिष्कीय कार्यों की लगातार निगरानी की जाती है।

इससे सर्जरी के दौरान महत्वपूर्ण न्यूरोलॉजिकल क्षमताओं को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।

आस्था और विज्ञान का संतुलन

भारत में धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक अभ्यास को मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। कठिन परिस्थितियों में कई लोग प्रार्थना, ध्यान और धार्मिक पाठ के माध्यम से खुद को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाए रखते हैं।

हालांकि चिकित्सा उपचार पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर आधारित होता है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास मरीज की मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सोशल मीडिया पर मिली सराहना

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने महिला के साहस और डॉक्टरों की विशेषज्ञता की सराहना की। कई लोगों ने इसे आधुनिक चिकित्सा और व्यक्तिगत आस्था के सफल संतुलन का उदाहरण बताया।

प्रेरणा बनी यह घटना

यह घटना दिखाती है कि गंभीर परिस्थितियों में आधुनिक विज्ञान, डॉक्टरों की विशेषज्ञता और मरीज का आत्मविश्वास मिलकर बड़ी चुनौतियों का सामना करने में मदद कर सकते हैं। लोगों का मानना है कि विश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच कठिन समय में इंसान की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

DESK REPORTER – CHANDAN KUMAR

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