वाराणसी।जिला एड्स नियंत्रण सोसाइटी के तत्वाधान में मुख्य चिकित्सा अधिकारी वाराणसी डॉ. आर. प्रसाद के दिशा-निर्देशन में पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के लिए एचआईवी/एड्स पर संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता डॉ. पीयूष राय, जिला क्षय रोग अधिकारी एवं प्रभारी दिशा वाराणसी मंडल ने की।
एचआईवी के मरीजों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से प्राप्त जानकारी का उपयोग समाज में एचआईवी के प्रसार को रोकने के लिए किया जाना चाहिए तथा एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वाराणसी कमिश्नरेट की अपर पुलिस उपायुक्त नम्रता श्रीवास्तव ने एचआईवी प्रिवेंशन एवं कंट्रोल एक्ट 2017 की जानकारी को पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों के साथ संवेदनशील व्यवहार एवं उनकी गोपनीयता का संरक्षण सुनिश्चित करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
डॉ. प्रीति अग्रवाल, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, एआरटी सेंटर पीपीडीयू ने पीपीटी के माध्यम से एचआईवी/एड्स के संक्रमण के कारण, बचाव एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं डॉ. मनोज कुमार तिवारी, वरिष्ठ परामर्शदाता, एआरटी सेंटर, आईएमएस, बीएचयू ने कहा कि जागरूकता ही एचआईवी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा सभी को अपना एचआईवी परीक्षण अवश्य कराना चाहिए, जो कि सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध है।
मनीष कुमार सिंह (दिशा वाराणसी मंडल) ने जनपद में उपलब्ध एचआईवी जांच एवं उपचार सेवाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डीएमडीओ चेतन श्रीवास्तव द्वारा किया गया तथा स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन क्लीनिकल सर्विस ऑफिसर पूनम गुप्ता ने किया।
कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए श्री देवेंद्र कुमार गुप्ता को डॉ. पीयूष राय द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रदीप कुमार मौर्य, प्रांजल कुमार सिंह, सुमन कुमार, रिशु सरोज, गायत्री गुप्ता एवं मोहसिन ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
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