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वाराणसी। कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वर्क डेवलपमेंट ऐक्शन (KISWADA) की स्थापना दिनांक १० जुलाई २०१९ को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाज कार्य विभाग के पूर्व डीन एंड हेड प्रोफेसर महेंद्र मोहन वर्मा द्वारा की गई थी।

आठ वर्षों में संस्थान अपने उद्देश्यों के अनुरूप समाज के उत्थान में अपनी भूमिका निभाता रहा

पिछले आठ वर्षों में संस्थान अपने उद्देश्यों के अनुरूप समाज के उत्थान में अपनी भूमिका निभाता रहा है। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर स्थापित यह संस्था एक ऐसे विकसित एवं शक्तिशाली भारत के लिए काम करती है, जहां सभी का बिना किसी भेद भाव के समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाए और लोगों में वैज्ञानिक सोच का विकास हो। इसी ध्येय को लेकर यह संस्थान अनुसंधान, प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव हेतु लगातार कार्यरत है।

`संस्थान के पांच जिला चैप्टर क्रियाशील

उपरोक्त विचार संस्थापक प्रो. एम. एम. वर्मा ने संस्था की जनरल बाडी मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित व आनलाइन जुड़े हुए किश्वाडा मेंबर्स व किश्वाडा-साहित्य पथ के बैनर तले उपस्थित अनेक लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकारों एवं कवियों तथा अन्य प्रतिभागियों के समक्ष संस्थान की वित्त वर्ष २०२५-२६ की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस वर्ष संस्थान के पांच जिला चैप्टर क्रियाशील हो गये हैं। ये सभी चैप्टर लोगों के शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण व सर्वांगीण विकास के मुद्दों पर केंद्रित होकर काम कर रहे हैं। पूरे वर्ष संचालित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने संस्था का आय-व्यय का ब्योरा भी प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

डॉ. राम सुधार सिंह ने डाक्टर अब्दुल कलाम को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

इस अवसर पर मंच पर यूपी. कालेज के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. राम सुधार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में डाक्टर अब्दुल कलाम को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा इस बात पर प्रसन्नता जताई कि यह संस्था उनके विचारों को अमल में लाने का कार्य कर रही है। उन्होंने ' एक सुनहली किरण उसे भी दे दो, जो भटक रहा है अंधियारे वन में ' शीर्षक युक्त अपनी रचना का पाठ भी किया।

संस्थापक अध्यक्ष प्रोफेसर वर्मा के अथक प्रयासों की सराहना

इस अवसर पर डॉ प्रभाष कुमार झा, डॉ अशोक कुमार सिंह, श्री प्रकाश श्रीवास्तव तथा डॉ कंचन सिंह परिहार ने सभा को संबोधित किया तथा समाज हित में संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों हेतु संस्थापक अध्यक्ष प्रोफेसर वर्मा के अथक प्रयासों की सराहना की। वक्ताओं ने डाक्टर कलाम साहब के व्यक्तित्व, कृतित्व व उनके प्रखर विचारों तथा राष्ट्र सेवा में पूर्ण समर्पण हेतु उन्हें याद किया तथा अनेक रोचक जानकारियां दीं। 

दीप प्रज्ज्वलन, मां सरस्वती एवं डॉ. कलाम के चित्रों पर माल्यार्पण तथा श्री रामानन्द दीक्षित द्वारा सरस्वती वंदना के प्रस्तुतीकरण के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत

इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, मां सरस्वती एवं डॉ. कलाम के चित्रों पर माल्यार्पण तथा श्री रामानन्द दीक्षित द्वारा सरस्वती वंदना के प्रस्तुतीकरण के साथ हुई। अतिथियों को अंगवस्त्र तथा फूल मालाओं से स्वागत किया गया।तत्पश्चात् किश्वाडा-वाराणसी चैप्टर की समन्वयक प्रोफेसर भावना वर्मा ने सभी का वाचिक स्वागत किया और संस्थान के उद्देश्यों एवं कार्यक्रमों के बारे में बताया।

राजकीय जिला पुस्तकालय के अध्यक्ष डॉ. कंचन सिंह परिहार ने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का किया धन्यवाद ज्ञापन  

इस अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में सर्व श्री हरेन्द्र पांडेय, संतोष कुमार 'प्रीत', बुद्धदेव, मासूम जी, रामजतन 'सज्जन' , सह अध्यक्ष सूर्य प्रकाश मिश्र, श्रीप्रकाश श्रीवास्तव,डॉ रामानंद दीक्षित, प्रो. महेंद्र मोहन वर्मा, विशिष्ट अतिथि द्वय डॉ. कंचन सिंह परिहार एवं डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ प्रभाष कुमार झा तथा डॉ. विनोद कुमार वर्मा आदि ने विभिन्न विषयों पर केंद्रित अपनी रचनाओं का पाठ किया तथा संपूर्ण माहौल काव्यमय हो गया। अन्त में, वाराणसी राजकीय जिला पुस्तकालय के अध्यक्ष डॉ. कंचन सिंह परिहार ने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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