Khabarilaal News Desk :

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता Pawan Kalyan की पत्नी Anna Lezhneva एक बार फिर अपने भारतीय अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। विशाखापत्तनम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब वह Droupadi Murmu से मिलने पहुंचीं तो उनकी खूबसूरत कलमकारी साड़ी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

रूसी मूल की अन्ना लेझनेवा ने इस खास मौके के लिए पारंपरिक कलमकारी साड़ी चुनी, जिसका इतिहास करीब 3000 साल पुराना माना जाता है। भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रति उनका लगाव इस लुक में साफ नजर आया।

दो दिन पहले चुनी थी खास साड़ी

अन्ना ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए यह साड़ी कार्यक्रम से दो दिन पहले ही चुन ली थी। हाथ जोड़कर राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए उनका सादगी भरा अंदाज लोगों को खूब पसंद आया।

कलमकारी साड़ी में दिखा शाही अंदाज

अन्ना ने नेवी ब्लू रंग की कलमकारी साड़ी पहनी थी, जिस पर बड़े-बड़े फ्लोरल मोटिफ्स बने थे। साड़ी में लाल, गुलाबी, हरे और क्रीम रंगों का खूबसूरत मेल देखने को मिला। चौड़े सुनहरे जरी बॉर्डर और भारी पल्लू ने उनके लुक को रॉयल टच दिया।

प्रकृति से प्रेरित था डिजाइन

साड़ी पर फूल, पत्तियां, बेल-बूटे और प्रकृति से प्रेरित कई पारंपरिक पैटर्न बनाए गए थे। ब्लू बेस पर उभरते रंगीन डिजाइनों ने साड़ी की खूबसूरती को और बढ़ा दिया। इसके साथ उन्होंने मैचिंग हाफ स्लीव्स ब्लाउज पहनकर लुक को संतुलित रखा।

क्या है कलमकारी कला?

कलमकारी भारत की प्राचीन वस्त्र कला है, जिसमें कपड़ों पर हाथ से या लकड़ी के ब्लॉक की मदद से डिजाइन बनाए जाते हैं। 'कलमकारी' शब्द फारसी भाषा के दो शब्दों—'कलम' और 'कारी'—से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'कलम से की गई कला'।

यह कला मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जुड़ी हुई है। इसकी दो प्रमुख शैलियां हैं—

  • श्रीकालहस्ती शैली (हाथ से चित्रांकन)
  • मछलीपट्टनम शैली (ब्लॉक प्रिंटिंग)

3000 साल पुरानी है विरासत

इतिहासकारों के अनुसार कलमकारी कला का इतिहास लगभग 3000 वर्ष पुराना है। प्राचीन समय में कलाकार कपड़ों पर धार्मिक और पौराणिक कथाओं का चित्रण करते थे। इन कपड़ों का उपयोग रामायण, महाभारत और लोककथाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जाता था।

दक्षिण भारत के मंदिरों में भी देवी-देवताओं की कथाओं को दर्शाने वाले बड़े-बड़े वस्त्र कलमकारी शैली में तैयार किए जाते थे।

कैसे बनती है कलमकारी साड़ी?

  • सबसे पहले कपड़े को साफ कर प्राकृतिक रंगों से तैयार किया जाता है।
  • रंग बनाने के लिए फूल, पत्तियां, जड़ें और पेड़ों की छाल का इस्तेमाल किया जाता है।
  • इसके बाद हाथ से चित्रकारी या लकड़ी के ब्लॉक की सहायता से डिजाइन बनाए जाते हैं।
  • हर रंग की परत के बाद कपड़े को धोकर सुखाया जाता है।
  • पूरी प्रक्रिया में कई दिन से लेकर कई महीने तक का समय लग सकता है।

स्टाइलिंग ने बढ़ाई खूबसूरती

अन्ना ने अपने लुक को रेड स्टोन वाले नेकलेस, मैचिंग इयररिंग्स और कंगनों से पूरा किया। मंगलसूत्र, नोजपिन, सिंदूर और छोटी बिंदी ने उनके लुक में भारतीय परंपरा की झलक जोड़ दी। सॉफ्ट कर्ल हेयरस्टाइल और हल्के मेकअप ने उनके पूरे अंदाज को और अधिक आकर्षक बना दिया।

DESK REPORTER - CHANDAN KUMAR 

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