Khabarilaal News Desk :

हाई-स्पीड इंटरनेट देने वाले WiFi राउटर भविष्य में सिर्फ कनेक्टिविटी का जरिया नहीं, बल्कि निगरानी के उपकरण भी बन सकते हैं। जर्मनी के Karlsruhe Institute of Technology (KIT) के शोधकर्ताओं ने BFId नाम की एक नई तकनीक को लेकर चेतावनी जारी की है, जो कथित तौर पर लोगों की पहचान बिना स्मार्टफोन या किसी कनेक्टेड डिवाइस के भी कर सकती है।

क्या है BFId तकनीक?

रिसर्च के अनुसार, जब कोई व्यक्ति WiFi रेंज में आता है तो उसके शरीर की बनावट और मूवमेंट WiFi रेडियो तरंगों में सूक्ष्म बदलाव पैदा करते हैं। मशीन लर्निंग मॉडल्स इन पैटर्न्स को पढ़कर व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर सकते हैं।

99.5% सटीकता का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, 197 प्रतिभागियों पर किए गए परीक्षण में यह तकनीक लगभग 99.5% सटीकता के साथ व्यक्तियों की पहचान करने में सक्षम बताई गई। हालांकि, किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान जोड़ने के लिए अतिरिक्त डेटा की जरूरत हो सकती है।

फोन बंद करने से भी नहीं बचेंगे?

शोधकर्ताओं का कहना है कि केवल स्मार्टफोन बंद करना पर्याप्त सुरक्षा नहीं हो सकता। क्योंकि WiFi आधारित पहचान कथित तौर पर शरीर से प्रभावित रेडियो सिग्नलों के आधार पर भी की जा सकती है।

कैसे काम करता है सिस्टम?

यह तकनीक WiFi 5 में शामिल Beamforming Feedback Information (BFI) फीचर से जुड़े सिग्नलों का उपयोग बताई जा रही है। रिसर्चर्स के अनुसार, यदि इन सिग्नलों की सुरक्षा मजबूत न हो तो उनका विश्लेषण करके ट्रैकिंग संभव हो सकती है।

रिसर्चर्स ने क्या चिंता जताई?

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी तकनीकें निगरानी और प्राइवेसी से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर सकती हैं, खासकर सार्वजनिक जगहों जैसे कैफे, एयरपोर्ट और ऑफिस में। उन्होंने WiFi स्टैंडर्ड्स में बेहतर प्राइवेसी और सुरक्षा उपाय जोड़ने की मांग की है।

महत्वपूर्ण बात:

यह रिसर्च संभावित जोखिमों और तकनीकी संभावनाओं पर आधारित है। इसका मतलब यह नहीं कि मौजूदा सभी WiFi राउटर अभी लोगों की पहचान कर रहे हैं या व्यापक स्तर पर ऐसी निगरानी हो रही है।

DESK REPORTER : CHANDAN KUMAR

Link Copied to Clipboard!

Comments (0)

1 + 9 = ?
No comments yet. Be the first to share your thoughts!