Khabarilaal News Desk :

रसोई में इस्तेमाल होने वाले LPG सिलेंडर का एक नया विकल्प चर्चा में है, जिसे एथेनॉल स्टोव कहा जा रहा है। यह तकनीक जैव-ईंधन यानी गन्ने, मक्के और अन्य बायोमास से तैयार एथेनॉल पर काम करती है। दावा किया जा रहा है कि यह LPG से सस्ती, तेज और पर्यावरण के लिए बेहतर हो सकती है।

क्या है एथेनॉल स्टोव?

एथेनॉल स्टोव एक आधुनिक कुकिंग तकनीक है, जो लिक्विड या जेल एथेनॉल ईंधन का इस्तेमाल करती है। यह बिना धुएं, गंध और कालिख के खाना पकाने के लिए तेज आंच पैदा करता है। इसकी बनावट कुछ हद तक मिट्टी के तेल वाले स्टोव जैसी होती है।

कैसे करता है काम?

यह तकनीक सस्टेनेबल कंबशन सिस्टम पर आधारित होती है। स्टोव के टैंक में एथेनॉल डालने के बाद इसे जलाया जाता है, जिससे साफ और लगातार आंच मिलती है। दावा है कि यह LPG जैसी गर्मी पैदा कर सकता है।

LPG के मुकाबले क्यों बेहतर माना जा रहा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक एथेनॉल स्टोव कम ईंधन में ज्यादा समय तक आंच दे सकता है। इससे खाना जल्दी पक सकता है और ईंधन खर्च भी कम हो सकता है। साथ ही धुआं न होने से इनडोर प्रदूषण कम होता है।

सुरक्षा और पर्यावरण को भी फायदा

एथेनॉल पौधों से बनने वाला जैव ईंधन है, इसलिए इसे पारंपरिक जीवाश्म ईंधन के मुकाबले ज्यादा पर्यावरण अनुकूल माना जाता है। जेल आधारित एथेनॉल इस्तेमाल होने पर आग फैलने का जोखिम भी कम बताया जाता है।

क्या भविष्य में LPG की जगह ले पाएगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बड़े स्तर पर एथेनॉल स्टोव को अपनाया गया, तो यह कुकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है। हालांकि इसकी उपलब्धता, लागत और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे भी अहम रहेंगे।

DESK REPORTER : CHANDAN KUMAR 

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