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वाराणसी |आज के समय में जहां बच्चे छोटी उम्र में ही अपने सपनों को लेकर जागरूक हो रहे हैं, वहीं वाराणसी के विकास खंड पिंडरा के अहरक गांव की रहने वाली कक्षा 7 की छात्रा तृषा पाठक अपनी मेहनत, लगन और अच्छे संस्कारों के कारण क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहचान बना रही हैं। तृषा वर्तमान में एस. आर. कॉन्वेंट विद्यालय हरहुआ  में अध्ययनरत हैं और पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी विशेष रुचि रखती हैं।

परिवार के संस्कार और शिक्षकों का मार्गदर्शन से आगे बढ़ने का प्रयास

तृषा के पिता का नाम श्री मदन मुरारी पाठक तथा माता का नाम श्रीमती नेहा पाठक है। परिवार के संस्कार और शिक्षकों के मार्गदर्शन से तृषा लगातार शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हैं। उनका सपना भविष्य में एक सफल डॉक्टर बनकर गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है।

पढ़ाई में विशेष रुचि

तृषा को विज्ञान, संस्कृत, गणित और अंग्रेज़ी विषय पढ़ना बेहद पसंद है। वह नियमित रूप से पढ़ाई करती हैं और हर विषय को समझने का प्रयास करती हैं। उनका मानना है कि मेहनत और अनुशासन से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। विद्यालय के शिक्षक भी उनकी लगन और व्यवहार की सराहना करते हैं।

खेलकूद में भी आगे

पढ़ाई के साथ-साथ तृषा खेलकूद में भी सक्रिय रहती हैं। उन्हें विशेष रूप से खो-खो खेलना बहुत पसंद है। विद्यालय में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में भी वह उत्साहपूर्वक भाग लेती हैं। उनका कहना है कि खेल से शरीर स्वस्थ रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

 बड़े बुजुर्गों की सेवा करना पसंद

तृषा का स्वभाव बेहद सरल और संवेदनशील है। उन्हें बुजुर्ग लोगों की मदद करना अच्छा लगता है। वह हमेशा अपने से बड़े लोगों का सम्मान करती हैं और समाज में अच्छे संस्कारों को बढ़ावा देने की बात करती हैं। छोटी उम्र में उनकी सोच और व्यवहार लोगों को प्रभावित करता है।

विद्यालय और शिक्षकों का योगदान

तृषा ने अपनी सफलता और प्रेरणा का श्रेय अपने विद्यालय और शिक्षकों को दिया है। उनके विद्यालय के प्रबंधक श्री कौशलेन्द्र नारायण जी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर वातावरण प्रदान कर रहे हैं। वहीं उनके कक्षा शिक्षक अमन सर विद्यार्थियों को अनुशासन और मेहनत का महत्व समझाते हैं।

विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं में प्रीति रॉय मैडम, सतीश पांडेय सर, रागिनी मैडम, रजिनी सिंह मैडम, अश्वनी दुबे सर, संतोष सर और नरेंद्र योग सर शामिल हैं, जो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी सीख देते हैं।

परिवार और विद्यालय का नाम रोशन करना चाहती हैं तृषा 

तृषा का कहना है कि वह जीवन में मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं। उनका सपना है कि वह अपने माता-पिता, गुरुजनों और विद्यालय का नाम रोशन करें। उनकी मेहनत और सकारात्मक सोच निश्चित रूप से अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

TRISHA PATHAK -CIASS 7 -S .R. CONVENT SCHOOL-HARHUAA VARANASI

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