Khabarilaal News Desk :

मेरठ के मवाना क्षेत्र में हुए चर्चित ब्लाइंड मर्डर केस में चार महीने बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जिस महिला की पहचान पहले दिल्ली निवासी अर्चिता अरोड़ा के रूप में की गई थी, वह वास्तव में तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली 40 वर्षीय मुहब्बत सुनातोव्ना निकली। डीएनए रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर ली है।

कैसे हुई पहचान की गलती

21 फरवरी 2026 को मिले जली हुई अवस्था के शव के पास से मिले आधार कार्ड के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में उसे अर्चिता अरोड़ा मानकर जांच शुरू की थी। लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि यह पहचान गलत थी और मामला एक अंतरराष्ट्रीय महिला से जुड़ा हुआ है।

शराब पार्टी के दौरान हुई हत्या

पुलिस जांच के अनुसार, रिठानी स्थित एक होटल में शराब पार्टी के दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में महिला की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए शव के चेहरे और हाथों को जलाकर उसे मवाना इलाके में फेंक दिया।

इस मामले में होटल संचालक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

CCTV और मोबाइल से खुला केस

पुलिस ने करीब 500 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। साथ ही मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल्स से भी अहम सुराग मिले, जिससे जांच आगे बढ़ी।

मां ने वीडियो कॉल पर की पहचान

जांच में एक बड़ा मोड़ तब आया जब तुर्कमेनिस्तान में रह रही मां को वीडियो कॉल पर शव की तस्वीरें दिखाई गईं। उन्होंने बेटी के ईयररिंग्स और कपड़ों के आधार पर पहचान की पुष्टि की। बाद में डीएनए टेस्ट में भी मिलान हो गया।

मां को सौंपे जाएंगे अस्थियां

पुलिस ने पुष्टि की है कि डीएनए रिपोर्ट मैच होने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मुहब्बत की अस्थियां उसकी मां को सौंप दी जाएंगी।

15 साल पहले भारत आई थी मुहब्बत

जानकारी के अनुसार, मुहब्बत करीब 15 साल पहले काम की तलाश में भारत आई थी और यहीं रहकर काम कर रही थी। उसकी दो बेटियां हैं और वह जल्द ही भारत से वापस लौटने की योजना बना रही थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी हत्या हो गई।

DESK REPORTER : CHANDAN KUMAR

 
 
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