वाराणसी — विधिक सेवा प्राधिकरण में सुलह-समझौते के आधार पर बिखरे हुए दंपतियों को एक साथ करने की श्रृंखला में सोमवार को एक और सफल प्रयास किया गया।

मोनी यादव और बृजेश यादव दंपति के बीच कराया गया सुलह समझौता

विधिक सेवा प्राधिकरण में मोनी यादव और बृजेश यादव दंपति के बीच सुलह समझौता कराया गया और दोनों को एक साथ विदा किया गया।मोनी यादव पत्नी बृजेश यादव, निवासिनी मकान नंबर सा.17/65, पहड़िया, लालपुर, पाण्डेयपुर, वाराणसी तथा बृजेश यादव पुत्र मुरारी लाल यादव, निवासी मकान नंबर सा.17/65, पहड़िया, थाना लालपुर, पाण्डेयपुर, वाराणसी के बीच विवाद चल रहा था। मार्च 2026 में इस मामले को पुलिस आयुक्त वाराणसी के समक्ष प्रीलिटिगेशन वाद संख्या 151/26 के रूप में प्रस्तुत किया गया था।

आनंद कुमार सिंह ने की मध्यस्थता

विधिक सचिव प्रवीण कुमार ने इस मामले को प्रीलिटिगेशन वाद संख्या 318/2026 दिनांक 24 मार्च 2026 को निर्दिष्ट किया और आनंद कुमार सिंह को दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ नियुक्त किया।मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान 24 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक कई बैठकें हुईं। दोनों पक्ष लगातार उपस्थित रहे। मध्यस्थ की समझाइश और प्रयासों से दोनों पक्ष आपसी विवाद को सुलझाने के लिए तैयार हो गए।

स्वतंत्र इच्छा से निपटारा के करार पर हस्ताक्षर

दोनों पक्षों ने मध्यस्थ की उपस्थिति में अपनी स्वतंत्र इच्छा से निपटारा के करार पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने सहमति जताई कि पति-पत्नी के बीच जो मतभेद उत्पन्न हो गए थे, उन्हें मध्यस्थता के माध्यम से सुलझा लिया गया है। अब दोनों पक्ष बच्चों के साथ परिवार में रहकर अपना दाम्पत्य जीवन सुखपूर्वक व्यतीत करेंगे।दूसरे पक्ष ने यह भी सहमति व्यक्त की कि वे प्रथम पक्ष एवं अपने बच्चों के खान-पान, दवाई-इलाज, पढ़ाई-लिखाई तथा अन्य जरूरतों को पूरा करते रहेंगे।

दोनों पक्षों को एक साथ करते हुए राजी-खुशी से सोमवार को किया गया विदा

विधिक सचिव प्रवीण कुमार द्वारा दोनों पक्षों को एक साथ करते हुए राजी-खुशी से सोमवार को विदा किया गया।यह कार्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दंपतियों के बीच सुलह कराने और परिवारों को टूटने से बचाने की दिशा में किया गया सराहनीय प्रयास है।

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