Khabarilaal News Desk :

Varanasi Development Authority (VDA) की लैंड पूलिंग नीति वाराणसी के शहरी विकास को नई दिशा दे रही है। इस नीति के जरिए किसानों को सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि शहर के विकास का सीधा भागीदार बनाया जा रहा है। आनंद काशी (कल्लीपुर), रुद्र विहार (मढ़नी) और स्पोर्ट्स सिटी (गंजारी) जैसी महत्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजनाएं इसी मॉडल पर विकसित की जा रही हैं।

किसानों के लिए क्या है फायदा?

भूमि पूलिंग नीति के तहत 10 एकड़ से कम भूमि देने वाले किसानों को विकसित भूमि का 30 प्रतिशत और 10 एकड़ से अधिक भूमि देने वालों को 50 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दी जाती है। इससे किसानों की कृषि भूमि का भू-उपयोग स्वतः आवासीय में बदल जाता है और उनकी जमीन की कीमत कई गुना बढ़ जाती है।

65 किसानों ने किया 45 एकड़ भूमि का पूलिंग

अब तक लगभग 65 किसानों ने VDA के साथ 45 एकड़ भूमि पूल की है। इनमें कल्लीपुर की आनंद काशी परियोजना में 32 किसानों ने 27 एकड़, जबकि मढ़नी स्थित रुद्र विहार में 33 किसानों ने 18 एकड़ भूमि दी है।

300 एकड़ से अधिक भूमि परियोजनाओं के लिए सुनिश्चित

VDA के अनुसार कल्लीपुर और मढ़नी क्षेत्र में अधिकांश भूमि क्रय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कुल 300 एकड़ से अधिक भूमि परियोजनाओं के लिए सुनिश्चित की जा चुकी है। फिलहाल इन परियोजनाओं के लिए Real Estate Regulatory Authority (RERA) पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।

6 से 8 महीनों में लौटेगी विकसित भूमि

VDA का दावा है कि अगले 6 से 8 महीनों में आधारभूत संरचना विकास कार्य पूरा कर किसानों को उनकी विकसित भूमि वापस कर दी जाएगी। इसमें सड़क, जल निकासी, बिजली, पार्क और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

किसानों की भागीदारी से होगा वाराणसी का विकास

इस नीति का उद्देश्य किसानों को केवल मुआवजा लेने वाला नहीं, बल्कि शहर के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, निवेश और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

 

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