Khabarilaal News Desk :

ICAR-Indian Institute of Vegetable Research द्वारा विकसित मटर की उन्नत और उच्च उत्पादक किस्म ‘काशी नंदिनी’ के व्यावसायीकरण और व्यापक प्रसार की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। संस्थान ने इस किस्म के लाइसेंस हस्तांतरण के लिए National Agro Farming Multi State Co-operative Society Limited (NAFCO) के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

किसानों तक तेजी से पहुंचेगा गुणवत्तायुक्त बीज

यह समझौता कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) को मजबूत करेगा और किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

‘काशी नंदिनी’ की खासियत क्या है?

‘काशी नंदिनी’ मटर की एक शीघ्र परिपक्व होने वाली उन्नत किस्म है। इसकी प्रमुख विशेषताएं:

  • प्रति पौधा 7–8 फलियां
  • फलियों की लंबाई 8–9 सेंटीमीटर
  • प्रत्येक फली में 8–9 दाने
  • 47–48% शेलिंग प्रतिशत
  • उत्पादन क्षमता 110–120 क्विंटल प्रति हेक्टेयर

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

संस्थान के निदेशक Rajesh Kumar ने कहा कि संस्थान किसानों की आय वृद्धि, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि विकास को ध्यान में रखते हुए लगातार किसान हितैषी किस्में विकसित कर रहा है।

तकनीक और किसानों के बीच बनेगा मजबूत सेतु

उन्होंने कहा कि ऐसी साझेदारियां अनुसंधान संस्थानों और किसानों के बीच तकनीकी सेतु का काम करती हैं और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा देती हैं।

ITMU निभा रही अहम भूमिका

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने बताया कि संस्थान की Technology Management Unit (ITMU) विकसित तकनीकों और नवाचारों के व्यावसायीकरण, लाइसेंसिंग और प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही है।

 

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