khabarilaal news desk:-

वाराणसी,।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के माननीय कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को झारखण्ड के प्रतिष्ठित राधा गोविन्द विश्वविद्यालय,राधा गोविन्द नगर लाल की घाटी, रामगढ़ झारखण्ड – 829122, भारत के प्रशासनिक/परामर्शदातृ बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है। विश्वविद्यालय की सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश में उनके दीर्घ शैक्षणिक अनुभव, विशिष्ट प्रशासनिक दक्षता, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान तथा भारतीय ज्ञान-परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन में उनकी उल्लेखनीय भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए यह महत्त्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया गया है।

व्यापक अनुभव एवं दूरदर्शी नेतृत्व विश्वविद्यालय की भावी विकास-यात्रा में अत्यन्त उपयोगी

राधा गोविन्द विश्वविद्यालय द्वारा गठित यह प्रशासनिक/परामर्शदातृ बोर्ड विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार, गुणवत्ता-संवर्धन, उद्योग-जगत एवं शिक्षण संस्थानों के मध्य सहयोग तथा संस्थागत उत्कृष्टता के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने वाला एक महत्त्वपूर्ण निकाय है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रो. (डॉ.) बिहारी लाल शर्मा का व्यापक अनुभव एवं दूरदर्शी नेतृत्व विश्वविद्यालय की भावी विकास-यात्रा में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा।

(डॉ.) बिहारी लाल शर्मा भारतीय ज्ञान-परम्परा, संस्कृत अध्ययन, उच्च शिक्षा प्रशासन तथा अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम

भारतीय ज्ञान-परम्परा के प्रखर संवाहक प्रो. बिहारी लाल शर्मा को राष्ट्रीय शैक्षणिक दायित्व--
प्रो. (डॉ.) बिहारी लाल शर्मा भारतीय ज्ञान-परम्परा, संस्कृत अध्ययन, उच्च शिक्षा प्रशासन तथा अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं अनुसंधानात्मक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए शिक्षा-जगत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। वर्तमान में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के प्रशासनिक/परामर्शदातृ बोर्ड में मनोनयन पर विश्वविद्यालय में खुशी की लहर

उनके इस मनोनयन को विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा संस्कृत-जगत के विद्वानों ने हर्ष और गौरव का विषय बताया है। विद्वत् समाज का मत है कि यह नियुक्ति न केवल प्रो. (डॉ.) बिहारी लाल शर्मा की विद्वत्ता, नेतृत्व-क्षमता एवं शैक्षणिक प्रतिष्ठा का सम्मान है, बल्कि भारतीय उच्च शिक्षा-जगत में उनकी स्वीकार्यता और प्रभावशीलता का भी प्रमाण है।

मार्गदर्शन से उच्च शिक्षा एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा के क्षेत्र में नए मानक होंगे स्थापित

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके मार्गदर्शन से उच्च शिक्षा एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित होंगे।

Link Copied to Clipboard!

Comments (0)

5 + 9 = ?
No comments yet. Be the first to share your thoughts!