Khabarilaal News Desk :
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद Pakistan की Shehbaz Sharif सरकार दबाव में आ गई है। क्वेटा ट्रेन हमले के बाद सरकार ने चीन से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और बांध परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए नई ‘वापदा सुरक्षा बल’ बनाने का फैसला किया है।
क्वेटा हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता
बलूचिस्तान की राजधानी Quetta में सैनिकों को ले जा रही ट्रेन पर बड़ा हमला हुआ, जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हुई। इस हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है वापदा सुरक्षा बल?
पाकिस्तान सरकार ‘वापदा सुरक्षा बल अधिनियम 2026’ के तहत नई सुरक्षा फोर्स बना रही है। इसका काम जल और बिजली परियोजनाओं, खासकर चीनी कर्मचारियों और इंजीनियरों की सुरक्षा करना होगा।
चीन के दबाव के बाद बड़ा फैसला
China ने पहले भी पाकिस्तान को चेताया था कि अगर चीनी नागरिकों की सुरक्षा नहीं हुई तो निवेश प्रभावित हो सकता है। इसी दबाव के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
दासू प्रोजेक्ट पर पहले भी हुए हमले
Dasu Hydropower Project पर 2021 और 2024 में हुए हमलों में कई चीनी नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद चीन ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।
अब CPEC जैसी सुरक्षा मिलेगी
अब तक केवल CPEC प्रोजेक्ट्स को विशेष सुरक्षा मिलती थी, लेकिन अब सरकार सभी चीनी निवेश वाली परियोजनाओं को उसी स्तर की सुरक्षा देने जा रही है।
विदेशी निवेश पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आतंकी हमलों से पाकिस्तान की वैश्विक छवि कमजोर हो रही है और विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कम हो रहा है।
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