Khabarilaal News Desk :

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर नई बहस शुरू हो गई है। बांग्लादेश ने भारत द्वारा सीमा क्षेत्रों में किए जा रहे ड्रोन सर्विलांस पर चिंता जताई है और इस मुद्दे को नई दिल्ली में होने वाली दोनों देशों की सीमा सुरक्षा बलों की वार्षिक बैठक में उठाने की तैयारी कर ली है।

7 जून से 11 जून तक नई दिल्ली में होने वाली पांच दिवसीय बैठक में भारत की ओर से सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश की ओर से बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) हिस्सा लेंगे। बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व BGB के महानिदेशक मेजर जनरल अशरफुज्जमां सिद्दीकी करेंगे।

ड्रोन निगरानी पर बांग्लादेश की आपत्ति

बांग्लादेश का कहना है कि भारतीय सीमा क्षेत्रों में BSF द्वारा ड्रोन के उपयोग और उससे जुड़े हवाई क्षेत्र सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए। हाल के महीनों में सीमा पर बढ़े तनाव और विभिन्न घटनाओं के बीच यह विषय दोनों देशों के बीच संवेदनशील बन गया है।

BGB का आरोप है कि सीमा पर कुछ गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच मतभेद बढ़े हैं और ड्रोन निगरानी भी इसी चर्चा का हिस्सा बनेगी।

भारत क्यों कर रहा है ड्रोन सर्विलांस?

भारत ने बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी, मवेशी तस्करी, नकली नोटों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए आधुनिक निगरानी प्रणाली विकसित की है।

BSF वर्तमान में अत्याधुनिक ड्रोन, रडार और मानव रहित विमान (UAV) का उपयोग कर रही है। इन तकनीकों की मदद से चौबीसों घंटे सीमा की निगरानी की जाती है, खासकर उन इलाकों में जहां घने जंगल, नदी क्षेत्र या कठिन भौगोलिक परिस्थितियां मौजूद हैं।

AI आधारित स्मार्ट बॉर्डर सिस्टम तैयार कर रहा भारत

भारत सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट सर्विलांस ग्रिड विकसित कर रहा है।

इस प्रणाली में ड्रोन, CCTV कैमरे और ग्राउंड सेंसर से मिलने वाली सूचनाओं को एकीकृत कर विश्लेषण किया जाता है। इसका उद्देश्य संभावित घुसपैठ या संदिग्ध गतिविधियों का पहले से पता लगाकर सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती सुनिश्चित करना है।

बांग्लादेश भी कर रहा है ड्रोन का इस्तेमाल

दिलचस्प बात यह है कि बांग्लादेश स्वयं भी सीमा क्षेत्रों में आधुनिक ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। पिछले वर्ष रिपोर्ट्स में सामने आया था कि बांग्लादेश ने तुर्की निर्मित Bayraktar TB2 ड्रोन को भारत से सटी सीमा के निकट तैनात किया था।

इन ड्रोन गतिविधियों के बाद भारत ने भी अपनी निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए थे।

सीमा सुरक्षा और कूटनीति दोनों पर नजर

नई दिल्ली में होने वाली BSF-BGB बैठक में ड्रोन निगरानी के अलावा अवैध घुसपैठ, सीमा अपराध, तस्करी और दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित सीमा सुरक्षा आने वाले समय में और बढ़ेगी, ऐसे में दोनों देशों के लिए सुरक्षा जरूरतों और पारस्परिक विश्वास के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।

DESK REPORTER – CHANDAN KUMAR

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