Khabarilaal News Desk :
Hajj 2026 की शुरुआत ऐसे समय हुई है, जब पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। Saudi Arabia ने इस बार हज यात्रा के दौरान मक्का और मदीना की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं, ताकि दुनियाभर से आए लाखों हाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ईरान युद्ध के साये में शुरू हुआ हज
फरवरी के आखिर में Iran पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसी वजह से इस साल के हज पर भी सुरक्षा का विशेष फोकस रखा गया है।
मक्का-मदीना में हाई अलर्ट
Mecca और Medina समेत सभी पवित्र स्थलों पर एयर डिफेंस सिस्टम, विशेष सैन्य इकाइयों और आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों को तैनात किया गया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने एयर डिफेंस फोर्स को हाई अलर्ट पर रखा है।
15 लाख से ज्यादा हाजी पहुंचे
25 मई से 29 मई तक चलने वाले हज के लिए दुनियाभर से 15 लाख से ज्यादा मुसलमान सऊदी अरब पहुंचे हैं। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारियां भी मजबूत की हैं।
ड्रोन और डिजिटल सिस्टम से निगरानी
इस बार सऊदी अरब ने हज की सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है। ड्रोन निगरानी, डिजिटल समन्वय प्रणाली और विशेष प्रतिक्रिया यूनिट्स को तैनात किया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे का तुरंत जवाब दिया जा सके।
CBRN यूनिट भी तैनात
सुरक्षा ऑपरेशन में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) रक्षा इकाइयों को भी शामिल किया गया है, ताकि किसी भी असाधारण आपात स्थिति से निपटा जा सके।
क्यों बढ़ी है चिंता?
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के चलते खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष फिर बढ़ता है, तो सऊदी अरब भी मिसाइल या ड्रोन हमलों के खतरे से अछूता नहीं रहेगा।
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