Khabarilaal News Desk :
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा परमाणु विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान से संवर्धित यूरेनियम सौंपने या नष्ट करने की चेतावनी के बाद, ईरान ने भारत के हैदराबाद स्थित अपने महावाणिज्य दूतावास के जरिए तीखा जवाब दिया है।
ईरान का कड़ा पलटवार
ईरान की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि अगर ईरान को यूरेनियम देना होता तो यह पहले ही किया जा चुका होता। बयान में यह भी कहा गया कि “युद्ध के जरिए इसे छीनने का दावा केवल एक भ्रम और टूटा हुआ सपना है।”
ट्रंप की चेतावनी और अमेरिकी रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि संवर्धित यूरेनियम को या तो अमेरिका को सौंपा जाए या फिर इसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट किया जाए। व्हाइट हाउस ने भी इस बयान को साझा करते हुए इसे सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।
होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य कार्रवाई का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरानी ठिकानों पर “आत्मरक्षा” में हमले किए हैं। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि युद्धविराम की स्थिति पर इसका असर अभी स्पष्ट नहीं है।
दोहा में कूटनीतिक बातचीत जारी
तनाव के बीच कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में वार्ता भी जारी है। हालांकि परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है।
यूरेनियम क्या है और क्यों अहम है?
यूरेनियम एक प्राकृतिक तत्व है जिसमें U-235 आइसोटोप ऊर्जा उत्पादन और परमाणु विखंडन में उपयोगी होता है। संवर्धन प्रक्रिया के जरिए U-235 का प्रतिशत बढ़ाया जाता है, जिससे यह ऊर्जा या हथियार निर्माण में इस्तेमाल हो सकता है।
ईरान के पास कितना भंडार?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के पास बड़ी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिसमें 60% तक संवर्धित सामग्री भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, यदि इसे और संवर्धित किया जाए तो यह परमाणु क्षमता के बेहद करीब पहुंच सकता है।
ईरान का दावा: हमारा कार्यक्रम शांतिपूर्ण
ईरान लगातार दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जबकि पश्चिमी देश इसे लेकर चिंतित हैं।
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