Khabarilaal News Desk :

मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान के साथ संघर्ष के बीच इजरायल ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि वर्ष 2025 में देश का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 19.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो 2024 की तुलना में लगभग 29 प्रतिशत अधिक है।

यह लगातार पांचवां साल है जब इजरायल ने हथियार निर्यात के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब इजरायल की सेना कई मोर्चों पर सक्रिय सैन्य अभियानों में जुटी हुई है।

मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम की सबसे ज्यादा मांग

रक्षा मंत्रालय के अनुसार निर्यात में सबसे बड़ा योगदान मिसाइल, रॉकेट और उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम का रहा।

इजरायल की रक्षा तकनीक लंबे समय से दुनिया भर में भरोसेमंद मानी जाती है। हाल के वर्षों में युद्ध के मैदान में इन प्रणालियों के प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का भरोसा और बढ़ाया है।

कई मोर्चों पर लड़ रहा है इजरायल

7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष के बाद से इजरायल कई मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है।

इनमें शामिल हैं:

  • Hamas के खिलाफ गाजा अभियान
  • Hezbollah के खिलाफ लेबनान सीमा पर कार्रवाई
  • ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ क्षेत्रीय सैन्य अभियान
  • यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले

इसी दौरान इजरायली हथियार प्रणालियों की वैश्विक मांग भी बढ़ती गई।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र बना सबसे बड़ा बाजार

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार एशिया-प्रशांत क्षेत्र में इजरायली हथियारों की बिक्री में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई।

  • 2024 में बिक्री: लगभग 3.4 अरब डॉलर
  • 2025 में बिक्री: लगभग 6.1 अरब डॉलर

यानी एक साल में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं और रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रमों के कारण कई देशों ने इजरायली रक्षा प्रणालियों में रुचि दिखाई है।

सरकार से सरकार वाली डील में भारी उछाल

2025 के कुल रक्षा निर्यात का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा सरकार-से-सरकार (Government-to-Government) समझौतों के माध्यम से हुआ।

इन सौदों का कुल मूल्य लगभग 10 अरब डॉलर रहा।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ऐसे समझौते न केवल आर्थिक लाभ पहुंचाते हैं बल्कि इजरायल के अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक संबंधों को भी मजबूत करते हैं।

यूरोप में विरोध, फिर भी बढ़ी बिक्री

गाजा युद्ध के कारण कई यूरोपीय देशों में इजरायल के खिलाफ विरोध देखने को मिला है।

कुछ देशों ने:

  • रक्षा सौदे रद्द किए
  • रक्षा कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए
  • सैन्य प्रदर्शनियों में भागीदारी सीमित की

हाल ही में France ने पेरिस में आयोजित होने वाली रक्षा प्रदर्शनी Eurosatory में इजरायल की आधिकारिक भागीदारी पर रोक लगा दी।

इस फैसले के कारण इजरायल दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा प्रदर्शनियों में से एक में अपना राष्ट्रीय पैवेलियन स्थापित नहीं कर पाया।

रक्षा उद्योग बना अर्थव्यवस्था की ताकत

इजरायली रक्षा मंत्रालय का कहना है कि रिकॉर्ड रक्षा निर्यात से देश के रक्षा बजट को मजबूती मिली है और वैश्विक स्तर पर उसकी रणनीतिक स्थिति भी मजबूत हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ती रक्षा बिक्री यह संकेत देती है कि युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद इजरायल की रक्षा तकनीक की वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है।

DESK REPORTER - CHANDAN KUMAR

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