Khabarilaal News Desk :
सऊदी अरब और इजरायल के बीच संभावित रिश्तों को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी माइक इवांस ने कहा है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) इजरायल को मान्यता देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनके पिता यानी किंग सलमान इस फैसले में बाधा बन रहे हैं।
MBS के रुख को लेकर बड़ा दावा
माइक इवांस ने दावा किया कि उनकी क्राउन प्रिंस से निजी बातचीत हुई, जिसमें MBS ने कहा कि वह इजरायल को मान्यता देने के पक्ष में हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि फिलहाल उनके पिता इस फैसले के खिलाफ हैं। इवांस के अनुसार, सऊदी विदेश मंत्री भी इस दिशा में सकारात्मक सोच रखते हैं।
अब्राहम अकॉर्ड पर ट्रंप का फोकस
डोनाल्ड ट्रंप लगातार अब्राहम अकॉर्ड के विस्तार पर जोर दे रहे हैं और चाहते हैं कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और मिस्र जैसे देश भी इसमें शामिल हों। यह समझौता 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में शुरू हुआ था, जिसमें अब तक यूएई, बहरीन और कुछ अन्य देश शामिल हो चुके हैं।
फिलिस्तीन मुद्दा बना मुख्य रुकावट
सऊदी अरब का आधिकारिक रुख अब भी यही है कि जब तक एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना नहीं होती, तब तक वह इजरायल को मान्यता नहीं देगा। यही वजह है कि फिलहाल किसी औपचारिक समझौते की संभावना कम मानी जा रही है।
सऊदी की ओर से साफ इनकार
सूत्रों के अनुसार, सऊदी सरकार ने अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होने की किसी भी योजना से इनकार किया है। रियाद का कहना है कि फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान के बिना इजरायल के साथ संबंध सामान्य नहीं किए जाएंगे।
ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति
ट्रंप प्रशासन इस समय मुस्लिम देशों को एक बड़े कूटनीतिक ढांचे में जोड़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि सऊदी अरब जैसे देशों की मौजूदा नीति इस लक्ष्य के रास्ते में बड़ी चुनौती बनी हुई है।
DESK REPORTER : CHANDAN KUMAR
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