Khabarilaal News Desk :

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा चलाए गए लगभग 40 दिनों के सैन्य अभियान को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाई थी और ईरान के खिलाफ कई हवाई हमलों को अंजाम दिया था।

खुफिया जानकारी के आधार पर हुए हमले

रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने अमेरिका और इजरायल से प्राप्त खुफिया सूचनाओं का उपयोग करते हुए ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि ये हमले UAE की तेल और गैस सुविधाओं पर हुए कथित हमलों के जवाब में किए गए थे।

ईरान की ऊर्जा सुविधाएं बनीं निशाना

जानकारी के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में ईरान के कई महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया गया। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित केशम द्वीप, अबू मूसा द्वीप, बंदर अब्बास और लावान द्वीप की तेल एवं गैस सुविधाएं शामिल थीं।

असलुयेह गैस कॉम्प्लेक्स पर बड़ा हमला

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि UAE और इजरायल ने मिलकर ईरान के असलुयेह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर बड़ा हमला किया था। यह हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था और इसकी आलोचना भी हुई थी।

बताया जाता है कि उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की अपील की थी। हालांकि, इजरायल ने उस समय दावा किया था कि यह कार्रवाई उसने अकेले की थी।

UAE और इजरायल के संबंध हुए मजबूत

युद्ध के दौरान UAE और इजरायल के बीच सैन्य एवं सुरक्षा सहयोग और मजबूत होने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल ने UAE में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए सैन्य संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई।

कई शीर्ष इजरायली अधिकारियों ने किया दौरा

युद्ध के दौरान इजरायल की खुफिया एजेंसी और सुरक्षा प्रतिष्ठानों के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने UAE का दौरा किया। इनमें मोसाद और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल बताए गए हैं।

पड़ोसी खाड़ी देशों से नाराजगी

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि UAE नेतृत्व ने कुछ खाड़ी देशों के रवैये पर असंतोष जताया। कहा गया कि ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के दौरान कुछ देशों ने UAE के साथ समन्वय करने से इनकार कर दिया था।

आधिकारिक पुष्टि नहीं

हालांकि, UAE के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके इजरायल के साथ आधिकारिक और सार्वजनिक संबंध हैं तथा किसी गुप्त सैन्य सहयोग की आवश्यकता नहीं है।

DESK REPORTER - CHANDAN KUMAR 

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