Khabarilaal News Desk :

अमेरिकी वायुसेना ने अपने अगली पीढ़ी के सुपर बंकर बस्टर बम को आधिकारिक तौर पर GBU-76/B नाम दिया है। यह नया हथियार मौजूदा GBU-57 Massive Ordnance Penetrator (MOP) का उत्तराधिकारी माना जा रहा है, जिसका इस्तेमाल जून 2025 में ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया गया था।

अमेरिका का दावा है कि यह नया बम जमीन के बेहद गहरे हिस्सों में बने सैन्य ठिकानों, परमाणु प्रयोगशालाओं और कमांड सेंटरों को निशाना बनाने में पहले से कहीं अधिक सक्षम होगा।

ईरान हमले के बाद महसूस हुई नए हथियार की जरूरत

जून 2025 में अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर ईरान के फोर्डो और नतांज परमाणु ठिकानों पर 14 MOP बंकर बस्टर बम गिराए थे। हालांकि इन हमलों से भारी नुकसान हुआ, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के कई देश अब ऐसे भूमिगत बंकर बना रहे हैं जो मौजूदा बंकर बस्टर तकनीक के लिए भी चुनौती बनते जा रहे हैं।

इसी वजह से अमेरिकी वायुसेना ने अधिक शक्तिशाली और उन्नत बम विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

GBU-76/B की प्रमुख खूबियां

रॉकेट बूस्टर तकनीक

रिपोर्ट्स के अनुसार नए बम में रॉकेट बूस्टर तकनीक जोड़ी जा सकती है, जिससे गिरते समय इसकी गति काफी बढ़ जाएगी। अधिक रफ्तार का मतलब है कि यह जमीन और कंक्रीट की गहरी परतों को अधिक प्रभावी ढंग से भेद सकेगा।

भारी विस्फोटक क्षमता

बताया जा रहा है कि इस बम का वॉरहेड लगभग 22,000 पाउंड (करीब 10,000 किलोग्राम) का हो सकता है। इतनी बड़ी विस्फोटक क्षमता इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली पारंपरिक बमों में शामिल कर सकती है।

स्मार्ट फ्यूज सिस्टम

इसमें अत्याधुनिक स्मार्ट फ्यूज तकनीक लगाए जाने की संभावना है। यह प्रणाली बम को यह समझने में मदद करती है कि वह कितनी परतें पार कर चुका है और किस गहराई पर विस्फोट करना सबसे प्रभावी होगा।

जीपीएस के बिना भी सटीक निशाना

विशेषज्ञों के अनुसार GBU-76/B खराब मौसम या जीपीएस सिग्नल बाधित होने की स्थिति में भी अत्यधिक सटीकता के साथ लक्ष्य को भेद सकता है। इसकी अनुमानित सटीकता 2.2 मीटर CEP तक बताई जा रही है।

B-21 रेडर के लिए भी तैयार

पुराना MOP इतना भारी था कि उसे मुख्य रूप से Northrop Grumman B-2 Spirit स्टील्थ बॉम्बर से ही ले जाया जा सकता था।

नया GBU-76/B इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि इसे अमेरिका के भविष्य के अत्याधुनिक स्टील्थ बॉम्बर Northrop Grumman B-21 Raider में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।

भूमिगत युद्ध की बदलती रणनीति

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देश लगातार अपने सामरिक ठिकानों को जमीन के नीचे और अधिक सुरक्षित बना रहे हैं। ऐसे में अमेरिका की नई पीढ़ी के बंकर बस्टर हथियार भविष्य के सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि GBU-76/B की पूरी तकनीकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसे अमेरिकी वायुसेना के सबसे महत्वाकांक्षी हथियार कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।

क्या बदलेगा?

  • भूमिगत परमाणु ठिकानों पर अधिक प्रभावी हमला
  • पहाड़ों और मोटी कंक्रीट संरचनाओं को भेदने की क्षमता
  • जीपीएस बाधित होने पर भी सटीक निशाना
  • भविष्य के B-21 रेडर बॉम्बर के साथ संचालन की संभावना
  • अमेरिका की रणनीतिक स्ट्राइक क्षमता में बड़ा इजाफा

DESK REPORTER : CHANDAN KUMAR

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