Khabarilaal News Desk :

दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की नई रैंकिंग जारी हो गई है। लंदन स्थित वैश्विक नागरिकता एवं निवास सलाहकार संस्था Henley & Partners द्वारा जारी Henley Passport Index 2026 में एक बार फिर सिंगापुर ने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं भारत 80वें और पाकिस्तान 100वें स्थान पर पहुंच गया है।

यह रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि किसी देश के पासपोर्ट धारक बिना पहले से वीजा लिए कितने देशों में यात्रा कर सकते हैं।

सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे ताकतवर

रिपोर्ट के अनुसार सिंगापुर के पासपोर्ट धारक दुनिया के 192 देशों और क्षेत्रों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसी वजह से सिंगापुर लगातार दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है।

दुनिया के 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट

1. सिंगापुर

  • 192 देशों में वीजा-फ्री पहुंच

2. जापान, दक्षिण कोरिया और यूएई

  • 188 देशों में वीजा-फ्री पहुंच

3. स्वीडन

  • 187 देशों में वीजा-फ्री पहुंच

4. बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स, नॉर्वे और स्पेन

  • 186 देशों में वीजा-फ्री पहुंच

5. ऑस्ट्रिया, ग्रीस, माल्टा, पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड

  • 185 देशों में वीजा-फ्री पहुंच

6. हंगरी, पोलैंड और यूनाइटेड किंगडम

  • 184 देशों में वीजा-फ्री पहुंच

7. ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चेकिया, लातविया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया

  • 183 देशों में वीजा-फ्री पहुंच

8. क्रोएशिया और एस्टोनिया

9. लिक्टेंस्टीन और लिथुआनिया

10. आइसलैंड और अमेरिका

भारत की रैंकिंग में क्या स्थिति?

भारत का पासपोर्ट इस वर्ष 80वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारक 56 देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं।

भारत के साथ इस रैंकिंग में:

  • अल्जीरिया
  • कोत द'इवोआर
  • मॉरिटानिया
  • सेनेगल

भी समान स्थान पर मौजूद हैं।

पाकिस्तान की स्थिति और कमजोर हुई

पाकिस्तान का पासपोर्ट इस सूची में 100वें स्थान पर पहुंच गया है। पाकिस्तानी नागरिक केवल 30 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं।

सबसे नीचे कौन?

रैंकिंग में अफगानिस्तान सबसे नीचे है। अफगान पासपोर्ट धारकों को दुनिया के सबसे कम देशों में वीजा-फ्री प्रवेश की सुविधा प्राप्त है।

कैसे तय होती है पासपोर्ट की ताकत?

Henley Passport Index दुनिया के 227 देशों और क्षेत्रों के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जाता है। इसमें देखा जाता है कि किसी देश का नागरिक बिना पूर्व वीजा लिए कितने देशों में यात्रा कर सकता है।

जितने अधिक देशों में वीजा-फ्री पहुंच होगी, उतना ही शक्तिशाली उस देश का पासपोर्ट माना जाता है।

भारत में बढ़ी पासपोर्ट सेवाएं

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्री S. Jaishankar ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पासपोर्ट जारी करने की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने पर काम जारी है।

BUREAU : CHANDAN KUMAR

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